विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु का वर्ण 'नील मेघ श्याम' (नीले बादलों के समान) है। शास्त्रों के अनुसार यह नीला वर्ण किसी भौतिक रंजक (Pigment) का परिणाम नहीं है, बल्कि इसके विशिष्ट आध्यात्मिक अर्थ हैं।
नीला रंग आकाश और महासागर का रंग है। जिस प्रकार आकाश और महासागर की कोई सीमा नहीं है, वे अनंत, असीम और अपरिभाषित हैं, ठीक उसी प्रकार भगवान विष्णु भी देश, काल और वस्तु की सीमाओं से परे, अनंत और सर्वव्यापक हैं।
आध्यात्मिक चेतना के स्तर पर नीला वर्ण परब्रह्म की वह अनंत आध्यात्मिक आभा (Spiritual Aura) है, जो सम्पूर्ण ब्रह्मांड को अपने भीतर समाहित किए हुए है। इसे शास्त्रों में 'सर्व वर्ण' भी कहा जाता है, जिसका अर्थ है कि विश्व के समस्त रंगों और दृश्य प्रपंचों का समावेश इसी एक अनंत रंग में हो जाता है।





