विस्तृत उत्तर
विष्णु पुराण (अंश १, अध्याय २२) में महर्षि पराशर ने मैत्रेय जी को भगवान विष्णु के आभूषणों और अस्त्रों का ब्रह्मांडीय व मनोवैज्ञानिक रहस्य विस्तार से समझाया है।
कौस्तुभ मणि वक्षस्थल पर धारण की गई एक अत्यंत दिव्य मणि है। यह शुद्ध 'जीव' या 'पुरुष' (निर्मल आत्मा) का प्रतीक है। यह संसार के मल से रहित, निर्लेप और विशुद्ध ज्ञान-स्वरूप आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है।





