ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
अंतिम संस्कार📜 गरुड़ पुराण, स्कंद पुराण1 मिनट पठन

मृत शरीर पर गंगाजल क्यों छिड़कते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

शुद्धि (पापनाशिनी), मोक्ष सहायक (विष्णु चरणोदक), प्रेत योनि रक्षा, वातावरण शुद्धि। शरीर स्नान + चंदन/घी/तिल लेप + गंगाजल + मुख में तुलसी। गंगाजल न हो = शुद्ध जल+तुलसी।

📖

विस्तृत उत्तर

मृत शरीर पर गंगाजल छिड़कना अंतिम संस्कार का अनिवार्य अंग है।

कारण

  1. 1शुद्धि: गंगाजल = पापनाशिनी। शरीर और आत्मा दोनों की शुद्धि।
  2. 2मोक्ष सहायक: गंगा = विष्णु चरणोदक। गंगाजल स्पर्श = विष्णु कृपा = मोक्ष मार्ग।
  3. 3प्रेत योनि से रक्षा: गंगाजल = पवित्रतम — इसके स्पर्श से आत्मा प्रेत नहीं बनती।
  4. 4वातावरण शुद्धि: वैज्ञानिक — गंगाजल में एंटीबैक्टीरियल गुण, शव के पास वातावरण शुद्ध।

विधि (India.com verified): मृत शरीर को स्नान कराएँ, चंदन + घी + तिल तेल का लेप, स्वच्छ वस्त्र पहनाएँ, गंगाजल छिड़कें + मुख में तुलसी + गंगाजल बूँदें।

गंगाजल न हो: किसी भी पवित्र नदी/तीर्थ का जल या शुद्ध जल + तुलसी — भाव प्रधान।

📜
शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण, स्कंद पुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

गंगाजलमृत शरीरशुद्धिपवित्रता

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

मृत शरीर पर गंगाजल क्यों छिड़कते हैं — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको अंतिम संस्कार से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर गरुड़ पुराण, स्कंद पुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।