विस्तृत उत्तर
कवच साधना से पूर्व पाँच स्तरों पर शुद्धि अनिवार्य है: 1. स्थान शुद्धि (स्वच्छ पूजा-गृह), 2. देह शुद्धि (स्नान), 3. आसन शुद्धि (शुद्ध आसन), 4. मन शुद्धि (क्रोध-कपट रहित भाव), और 5. मंत्र शुद्धि (स्पष्ट उच्चारण)।
साधना के लिए स्थान, शरीर, आसन, मन और मंत्र का शुद्ध होना अनिवार्य माना गया है।
कवच साधना से पूर्व पाँच स्तरों पर शुद्धि अनिवार्य है: 1. स्थान शुद्धि (स्वच्छ पूजा-गृह), 2. देह शुद्धि (स्नान), 3. आसन शुद्धि (शुद्ध आसन), 4. मन शुद्धि (क्रोध-कपट रहित भाव), और 5. मंत्र शुद्धि (स्पष्ट उच्चारण)।
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