विस्तृत उत्तर
शैलपुत्री — नवरात्रि प्रथम दिन की देवी:
परिचय: हिमालय (शैल) की पुत्री = शैलपुत्री। पार्वती का प्रथम रूप। वाहन: वृषभ (नंदी)। दाहिने हाथ में त्रिशूल, बाएं में कमल।
पूजा विधि
- 1घटस्थापना (प्रथम दिन)।
- 2देवी प्रतिमा/चित्र स्थापित — शैलपुत्री।
- 3षोडशोपचार या पंचोपचार पूजा।
- 4भोग: शुद्ध घी — शैलपुत्री को घी अत्यंत प्रिय।
- 5पुष्प: लाल/गुलाबी।
- 6वस्त्र रंग: पीला (प्रथम दिन)।
मंत्र
- ▸मूल: 'ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः'
- ▸ध्यान: 'वन्दे वांछितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्॥'
- ▸बीज: 'ह्रीं'
लाभ: मूलाधार चक्र जागरण, स्थिरता, आत्मबल, बाधा निवारण।
कथा: सती ने दक्ष यज्ञ में आत्मदाह किया → पुनर्जन्म = हिमालय पुत्री शैलपुत्री → शिव से पुनर्विवाह।





