विस्तृत उत्तर
काली साधना के शुभ आरंभ काल का वर्णन कालिका पुराण और महानिर्वाण तंत्र में मिलता है:
सर्वोत्तम आरंभ काल
1नवरात्रि (सर्वोत्तम)
शारद नवरात्रि (अश्विन) या वसंत नवरात्रि (चैत्र) — काली साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ। इन नौ दिनों में देवी शक्ति सर्वाधिक सक्रिय मानी जाती है।
2दीपावली (महाकाल)
कार्तिक अमावस्या — काली पूजा का महापर्व। नई काली साधना आरंभ के लिए आदर्श।
3अमावस्या
कोई भी अमावस्या — नई साधना का शुभ आरंभ।
4कालाष्टमी (कृष्ण अष्टमी)
मासिक कालाष्टमी पर साधना आरंभ।
वार
- ▸शनिवार — काली साधना आरंभ के लिए
- ▸मंगलवार — उग्र देवी साधना के लिए
जो न करें
- 1शुभ पर्वों (जन्माष्टमी, दशहरा आदि) पर नई तांत्रिक साधना न आरंभ करें
- 2ग्रहण काल में नई साधना न शुरू करें
- 3सूतक-पातक के समय नई साधना न आरंभ करें
सामान्य साधक के लिए
यदि विशेष मुहूर्त की प्रतीक्षा करना कठिन हो, तो किसी भी शुक्ल पक्ष के शुभ दिन भक्ति साधना शुरू की जा सकती है। भक्ति मार्ग के लिए मुहूर्त उतना आवश्यक नहीं — श्रद्धा और संकल्प पर्याप्त है।
कालिका पुराण
यः काल्याः साधनं कुर्यात् शरत्काले विशेषतः। स सर्वान् कामान् प्राप्नोति मोक्षमप्यन्ततः।' — जो शरद काल में काली साधना करता है, वह सभी कामनाएं और अंततः मोक्ष प्राप्त करता है।





