विस्तृत उत्तर
देवी पूजा में दोनों तिथियों का भिन्न महत्व:
पूर्णिमा — सौम्य देवी
- ▸लक्ष्मी, सरस्वती, पार्वती = सौम्य रूप। पूर्णिमा = प्रकाश, सत्व।
- ▸कोजागरी पूर्णिमा = लक्ष्मी पूजा विशेष।
- ▸शरद पूर्णिमा = लक्ष्मी कृपा।
अमावस्या — उग्र देवी
- ▸काली, छिन्नमस्ता, धूमावती = उग्र रूप। अमावस्या = अंधकार, तामसिक शक्ति।
- ▸दीपावली अमावस्या = काली पूजा (बंगाल) + लक्ष्मी पूजा।
- ▸तांत्रिक साधना = अमावस्या।
अष्टमी/नवमी — सर्वोत्तम
देवी पूजा के लिए अष्टमी (दुर्गाष्टमी) और नवमी सर्वश्रेष्ठ — पूर्णिमा/अमावस्या से भी अधिक।
सार: सौम्य देवी = पूर्णिमा। उग्र देवी = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि = 9 दिन सर्वश्रेष्ठ।





