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देवी पूजा नियम📜 देवी पूजा पद्धति, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

देवी की पूजा पूर्णिमा को करें या अमावस्या को?

संक्षिप्त उत्तर

सौम्य (लक्ष्मी/सरस्वती) = पूर्णिमा। उग्र (काली/छिन्नमस्ता) = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि 9 दिन। दीपावली अमावस्या = काली+लक्ष्मी दोनों।

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विस्तृत उत्तर

देवी पूजा में दोनों तिथियों का भिन्न महत्व:

पूर्णिमा — सौम्य देवी

  • लक्ष्मी, सरस्वती, पार्वती = सौम्य रूप। पूर्णिमा = प्रकाश, सत्व।
  • कोजागरी पूर्णिमा = लक्ष्मी पूजा विशेष।
  • शरद पूर्णिमा = लक्ष्मी कृपा।

अमावस्या — उग्र देवी

  • काली, छिन्नमस्ता, धूमावती = उग्र रूप। अमावस्या = अंधकार, तामसिक शक्ति।
  • दीपावली अमावस्या = काली पूजा (बंगाल) + लक्ष्मी पूजा।
  • तांत्रिक साधना = अमावस्या।

अष्टमी/नवमी — सर्वोत्तम

देवी पूजा के लिए अष्टमी (दुर्गाष्टमी) और नवमी सर्वश्रेष्ठ — पूर्णिमा/अमावस्या से भी अधिक।

सार: सौम्य देवी = पूर्णिमा। उग्र देवी = अमावस्या। सर्वोत्तम = अष्टमी/नवमी। नवरात्रि = 9 दिन सर्वश्रेष्ठ।

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शास्त्रीय स्रोत
देवी पूजा पद्धति, तंत्र शास्त्र
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