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साधना समय📜 कुलार्णव तंत्र, महानिर्वाण तंत्र, तंत्र शास्त्र1 मिनट पठन

तंत्र साधना के लिए कौन सा समय सही है?

संक्षिप्त उत्तर

तंत्र का सही समय: निशीथ काल (रात 12 बाद — सर्वश्रेष्ठ)। तिथि: अमावस्या (काली-भैरव), पूर्णिमा (देवी), चतुर्दशी (शिव)। विशेष: नवरात्रि, शिवरात्रि, दीपावली। कुलार्णव: नित्यता — शुभ काल से भी अधिक महत्वपूर्ण।

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विस्तृत उत्तर

तंत्र साधना के शुभ समय का वर्णन कुलार्णव तंत्र और महानिर्वाण तंत्र में है:

दिन में शुभ काल

| समय | तंत्र के लिए |

|-----|-------------|

| ब्रह्ममुहूर्त (4-6 AM) | सात्विक तंत्र, ध्यान |

| मध्याह्न (12 बजे) | सूर्य तंत्र, वैदिक-तांत्रिक |

| सूर्यास्त | संध्या पूजा |

| निशीथ काल (12 AM के बाद) | तंत्र का विशेष काल |

तिथि अनुसार

  • अमावस्या — काली, भैरव, पितृ तंत्र
  • पूर्णिमा — शाक्त, देवी तंत्र
  • अष्टमी (कृष्ण) — भैरव अष्टमी
  • चतुर्दशी — शिव-भैरव

विशेष काल

  • नवरात्रि — शाक्त तंत्र का सर्वश्रेष्ठ काल
  • महाशिवरात्रि — शैव-भैरव तंत्र
  • दीपावली — महाकाली-लक्ष्मी
  • होलाष्टक — अघोर तंत्र

कुलार्णव का सर्वोच्च नियम

नित्यता' — किसी भी समय नित्य साधना — श्रेष्ठ काल से भी अधिक प्रभावशाली।
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शास्त्रीय स्रोत
कुलार्णव तंत्र, महानिर्वाण तंत्र, तंत्र शास्त्र
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