विस्तृत उत्तर
शिव पूजा के लिए अमावस्या और पूर्णिमा — दोनों का भिन्न महत्व:
अमावस्या — शिव पूजा के लिए विशेष
- ▸अमावस्या = अंधकार, संहार, विलय — शिव का स्वभाव (संहारक)।
- ▸शिवरात्रि = कृष्ण पक्ष चतुर्दशी (अमावस्या से एक दिन पूर्व)।
- ▸पितृ पूजा + शिव = अमावस्या पर संयुक्त।
- ▸तांत्रिक शिव साधना = अमावस्या पर।
पूर्णिमा — शुभ किन्तु शिव-विशिष्ट कम
- ▸पूर्णिमा = सत्व गुण, प्रकाश — विष्णु/देवी पूजा अधिक प्रचलित।
- ▸श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) शुभ।
- ▸गुरु पूर्णिमा — शिव = आदि गुरु।
शिव पूजा में सर्वश्रेष्ठ
चतुर्दशी तिथि (न अमावस्या, न पूर्णिमा — दोनों पक्ष की चतुर्दशी) — शिवरात्रि/मासिक शिवरात्रि।
सार: अमावस्या शिव पूजा के लिए पूर्णिमा से अधिक उपयुक्त — किन्तु सर्वश्रेष्ठ = चतुर्दशी (शिवरात्रि)। शिव = समय से परे, कोई भी तिथि शुभ।





