विस्तृत उत्तर
काली पूजा में रात्रि दीपदान:
महत्व
- 1अंधकार → प्रकाश: काली = अंधकार/काल की देवी। दीप = ज्ञान। अंधकार में दीप = अज्ञान नाश।
- 2दीपावली + काली पूजा: बंगाल में दीपावली अमावस्या = काली पूजा। अमावस्या (अंधेरी रात) + असंख्य दीपक = काली कृपा।
- 3आत्मा का प्रकाश: 'तमसो मा ज्योतिर्गमय' — अंधकार से प्रकाश की ओर।
- 4काली = ज्योतिस्वरूपा: बाहर काली (अंधकार), भीतर ज्योति (ज्ञान) — दीपक = इस ज्योति का प्रतीक।
विधि: 14 दीपक (चतुर्दशी) या असंख्य। सरसों तेल/घी। घर के चारों कोनों + द्वार पर।





