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दीपदान — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 6 प्रश्न

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काली पूजा

काली पूजा में रात को दीपदान का क्या महत्व है?

अंधकार→प्रकाश = अज्ञान नाश। अमावस्या + दीपक = काली कृपा। 'तमसो मा ज्योतिर्गमय।' काली = बाहर अंधकार, भीतर ज्योति। 14 दीपक, सरसों तेल/घी, चारों कोनों + द्वार।

दीपदानरातकाली
पर्व

देव दीपावली पर काशी में दीपदान का क्या विधान है

काशी देव दीपावली: कार्तिक पूर्णिमा। प्रातः गंगा स्नान → शिव पूजा (त्रिपुरारि) → सन्ध्या में 84 घाटों पर लाखों दीये → दशाश्वमेध घाट महा गंगा आरती → गंगा में दीये प्रवाहित → रात्रि जागरण। स्कन्द पुराण: दीपदान = सर्वपापनाश। शिव का त्रिपुरासुर वध उपलक्ष्य।

देव दीपावलीकाशीदीपदान
व्रत एवं पर्व

कार्तिक मास में स्नान और दीपदान का क्या विधान है

कार्तिक = सबसे पवित्र मास (पद्मपुराण)। स्नान: ब्रह्म मुहूर्त में नदी/घर पर, सर्वपापनाशक। दीपदान: सन्ध्याकाल में तुलसी/पीपल/मन्दिर/नदी तट पर — घी/तिल तेल के मिट्टी दीये। तुलसी पूजा नित्य। कार्तिक पूर्णिमा = देव दीपावली। दान का विशेष पुण्य।

कार्तिकस्नानदीपदान
त्योहार पूजा

दीपावली पर तेरह दीपक कहाँ कहाँ रखें?

13 दीपक स्थान: पूजा स्थल, मुख्य द्वार, देहली, तुलसी, रसोई, तिजोरी, जल स्रोत, गोशाला, पीपल/बरगद, चौराहा (यमराज — दक्षिण दिशा), छत (पितर हेतु), शौचालय बाहर, अन्न भण्डार। तिल तेल, मिट्टी दीये, रात भर प्रज्वलित।

दीपावली दीपकतेरह दीपकदीपदान
मंदिर दान

मंदिर में दीपदान करने का क्या विशेष महत्व है?

अग्निपुराण: 'दीपदान = व्रत+योग+मोक्ष।' मंदिर में दीपदान = लक्ष्मी कृपा, दीर्घायु, नेत्र ज्योति, अकाल मृत्यु से रक्षा। घी+तिल = अश्वमेध समान। विधि: मिट्टी दीया+घी/तिल तेल → संकल्प मंत्र → देवता के सामने। कार्तिक सर्वश्रेष्ठ। दीपक ही सम्पूर्ण पूजा।

दीपदानदीपप्रकाश दान
पूजा नियम

संध्या के समय दीपक कहाँ कहाँ रखना चाहिए?

संध्या काल में दीपक पूजा घर, तुलसी के पास, मुख्य द्वार, दक्षिण दिशा और रसोई में रखना चाहिए। घी का दीपक सर्वोत्तम है। दीपक बुझने न दें और 'शुभं करोति...' श्लोक का पाठ करें।

संध्या दीपकसायं दीपकदीपदान

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।