ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
पूजा नियम📜 धर्मशास्त्र परंपरा, वास्तु शास्त्र2 मिनट पठन

संध्या के समय दीपक कहाँ कहाँ रखना चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

संध्या काल में दीपक पूजा घर, तुलसी के पास, मुख्य द्वार, दक्षिण दिशा और रसोई में रखना चाहिए। घी का दीपक सर्वोत्तम है। दीपक बुझने न दें और 'शुभं करोति...' श्लोक का पाठ करें।

📖

विस्तृत उत्तर

संध्या काल (सूर्यास्त के समث दीपक जलाना अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। इसे 'सायं संध्या दीप' या 'गोधूलि बेला का दीपक' कहते हैं।

कहाँ-कहाँ दीपक रखें

  1. 1पूजा घर/मंदिर — सबसे पहले पूजा स्थल पर घी का दीपक जलाएँ और आरती करें।
  1. 1तुलसी के पास — तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना अत्यंत शुभ है (इसकी विशेष परंपरा है)।
  1. 1मुख्य द्वार/चौखट — घर के मुख्य दरवाज़े पर दीपक रखने से माँ लक्ष्मी का आगमन होता है और नकारात्मक शक्तियाँ प्रवेश नहीं करतीं।
  1. 1दक्षिण दिशा में — वास्तु के अनुसार पूजा के बाद दीपक को दक्षिण दिशा में रखना चाहिए — इससे यमराज से रक्षा और पितृ कृपा मिलती है।
  1. 1रसोई/किचन — रसोई में छोटा दीपक जलाना अन्नपूर्णा माता की कृपा के लिए शुभ है।
  1. 1पीपल/बरगद वृक्ष के नीचे — शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाना शनि दोष शांति के लिए प्रभावी माना जाता है।

संध्या दीपक के नियम

  • दीपक जलाने से पहले घर की सफाई करें।
  • दीपक घी या सरसों तेल का हो।
  • दीपक बुझने न दें, यह अशुभ माना जाता है।
  • दीपक जलाते समय 'शुभं करोति कल्याणम्...' श्लोक का पाठ करें।
📜
शास्त्रीय स्रोत
धर्मशास्त्र परंपरा, वास्तु शास्त्र
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

संध्या दीपकसायं दीपकदीपदानलक्ष्मी पूजा

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

संध्या के समय दीपक कहाँ कहाँ रखना चाहिए — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको पूजा नियम से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर धर्मशास्त्र परंपरा, वास्तु शास्त्र पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।