विस्तृत उत्तर
हाँ, पूजा घर में बैठकर या लेटकर सो जाना अशुभ और अनुचित माना जाता है।
कारण
- 1देवताओं का अनादर — पूजा स्थल शयन का स्थान नहीं है। यहाँ सोना देवताओं के प्रति अनादर माना जाता है।
- 2पवित्रता का प्रश्न — सोते समय व्यक्ति अचेत अवस्था में होता है, जिसमें शरीर और मन पर नियंत्रण नहीं रहता। यह पूजा स्थल की सात्विक ऊर्जा के अनुकूल नहीं।
- 3ऊर्जा असंतुलन — पूजा स्थल की ऊर्जा ध्यान, भक्ति और जागरूकता के लिए है, नींद के लिए नहीं।
अपवाद
- ▸ध्यान में तल्लीन — यदि ध्यान या भजन में इतना तल्लीन हो जाएँ कि अचेतन अवस्था (योग निद्रा) आ जाए तो यह दोषपूर्ण नहीं, बल्कि आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है।
- ▸यह साधारण नींद से भिन्न है।
सुझाव
- ▸पूजा के समय नींद आ रही हो तो पहले कुछ देर विश्राम कर लें, फिर पूजा करें।
- ▸रात को सोते समय पूजा घर की ओर पैर न करें।
- ▸बेडरूम में मंदिर हो तो सोते समय पर्दे से ढकें।





