विस्तृत उत्तर
घर के पूजा घर में मूर्ति बदलना एक संवेदनशील विषय है और इसमें शास्त्रीय नियमों का पालन आवश्यक है।
पुरानी मूर्ति का क्या करें
- 1प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति (जिसमें प्राण प्रतिष्ठा की गई हो):
- ▸इसे जल में विसर्जित नहीं करें।
- ▸नजदीकी मंदिर के पुजारी/पंडित को सम्मानपूर्वक सौंप दें।
- ▸मंदिर में स्थापित करवा सकते हैं।
- ▸पंडित जी से उचित विधि पूछकर ही विसर्जन करें।
- 1सामान्य मूर्ति (बिना प्राण प्रतिष्ठा):
- ▸पवित्र नदी या स्वच्छ जलाशय में सम्मानपूर्वक विसर्जित करें।
- ▸नजदीकी मंदिर में रख दें।
- ▸पीपल या बरगद वृक्ष की जड़ में सम्मानपूर्वक रखें।
- 1खंडित (टूटी) मूर्ति:
- ▸तुरंत हटाकर विसर्जित करें या मंदिर में सौंपें।
- ▸चौराहे या पेड़ के नीचे लावारिस न छोड़ें।
नई मूर्ति स्थापना
- ▸पुरानी मूर्ति के विसर्जन के बाद नई मूर्ति विधिपूर्वक स्थापित करें।
- ▸शुभ मुहूर्त या तिथि का ध्यान रखें।
- ▸नई मूर्ति सौम्य, प्रसन्नमुखी और अखंडित हो।
सामान्य सिद्धांत: पुरानी मूर्ति का अनादर कभी न करें। सम्मानपूर्वक विदाई दें, जैसे किसी बड़े की विदाई होती है।





