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पूजा नियम📜 धर्मशास्त्र परंपरा, वास्तु शास्त्र2 मिनट पठन

पूजा घर में रखी मूर्ति बदलना चाहें तो पुरानी का क्या करें?

संक्षिप्त उत्तर

प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति को मंदिर के पुजारी को सौंपें, जल में न डालें। सामान्य मूर्ति को पवित्र नदी या मंदिर में विसर्जित करें। लावारिस न छोड़ें। नई मूर्ति विधिपूर्वक शुभ मुहूर्त पर स्थापित करें।

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विस्तृत उत्तर

घर के पूजा घर में मूर्ति बदलना एक संवेदनशील विषय है और इसमें शास्त्रीय नियमों का पालन आवश्यक है।

पुरानी मूर्ति का क्या करें

  1. 1प्राण प्रतिष्ठित मूर्ति (जिसमें प्राण प्रतिष्ठा की गई हो):
  • इसे जल में विसर्जित नहीं करें।
  • नजदीकी मंदिर के पुजारी/पंडित को सम्मानपूर्वक सौंप दें।
  • मंदिर में स्थापित करवा सकते हैं।
  • पंडित जी से उचित विधि पूछकर ही विसर्जन करें।
  1. 1सामान्य मूर्ति (बिना प्राण प्रतिष्ठा):
  • पवित्र नदी या स्वच्छ जलाशय में सम्मानपूर्वक विसर्जित करें।
  • नजदीकी मंदिर में रख दें।
  • पीपल या बरगद वृक्ष की जड़ में सम्मानपूर्वक रखें।
  1. 1खंडित (टूटी) मूर्ति:
  • तुरंत हटाकर विसर्जित करें या मंदिर में सौंपें।
  • चौराहे या पेड़ के नीचे लावारिस न छोड़ें।

नई मूर्ति स्थापना

  • पुरानी मूर्ति के विसर्जन के बाद नई मूर्ति विधिपूर्वक स्थापित करें।
  • शुभ मुहूर्त या तिथि का ध्यान रखें।
  • नई मूर्ति सौम्य, प्रसन्नमुखी और अखंडित हो।

सामान्य सिद्धांत: पुरानी मूर्ति का अनादर कभी न करें। सम्मानपूर्वक विदाई दें, जैसे किसी बड़े की विदाई होती है।

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शास्त्रीय स्रोत
धर्मशास्त्र परंपरा, वास्तु शास्त्र
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