विस्तृत उत्तर
धर्मशास्त्रों और पुराणों में दोनों प्रकार के दीपक का विधान है, परंतु गाय के घी (गोघृत) का दीपक सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
घी का दीपक (गोघृत दीपक)
- ▸सर्वोत्तम और सबसे शुभ। शास्त्रों में घी के दीपक को सात्विक और दैवीय माना गया है।
- ▸पूजा, आरती, नित्य पूजन — सभी में घी का दीपक सर्वोत्तम है।
- ▸घी का दीपक सकारात्मक ऊर्जा, शांति और लक्ष्मी कृपा लाता है।
- ▸वायुमंडल को शुद्ध करता है।
सरसों तेल का दीपक
- ▸शनिदेव, हनुमान जी और काल भैरव की पूजा में सरसों तेल का दीपक विशेष शुभ है।
- ▸शनिवार को सरसों तेल का दीपक जलाना शनि दोष शांति के लिए प्रभावी माना जाता है।
- ▸शत्रु बाधा, तांत्रिक दोष और नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए सरसों तेल उपयोगी है।
- ▸सरसों तेल का दीपक दक्षिण दिशा में जलाना शुभ माना जाता है।
अन्य तेल
- ▸तिल का तेल — शनिदेव पूजा में शुभ।
- ▸अरंडी (कैस्टर) का तेल — कुछ विशेष पूजाओं में।
वर्जित
- ▸मिलावटी या कृत्रिम तेल का दीपक पूजा में न जलाएँ।
सारांश: नित्य पूजा और आरती में घी का दीपक जलाएँ। विशेष देवता पूजा (शनिदेव, हनुमान) में सरसों तेल का दीपक भी शुभ है। दोनों में से किसी को भी अशुभ नहीं माना जाता।





