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विस्तृत उत्तर
प्रदोष पूजा के तीसरे चरण में दो तरह के दीपदान किए जाते हैं। 1. शिव हेतु: भगवान शिव के निमित्त शुद्ध घी का दीपक जलाया जाता है। 2. पितृ हेतु: घर के बाहर किसी पीपल के पेड़ के नीचे या जलाशय (पानी) के पास सरसों के तेल का दीपक अपने पितरों (पूर्वजों) के लिए जलाना चाहिए।
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