विस्तृत उत्तर
असितांग भैरव पूजा में शुद्ध घी का दीपक (पीतल या दीया) जलाने का विधान है।
इसका रोग निवारण में विशिष्ट प्रयोग: अज्ञान (रोग का कारण) के अंधकार का नाश।
असितांग भैरव पूजा में शुद्ध घी का दीपक (पीतल/दीया) जलाएं — यह अज्ञान (रोग का मूल कारण) के अंधकार का नाश करता है।
असितांग भैरव पूजा में शुद्ध घी का दीपक (पीतल या दीया) जलाने का विधान है।
इसका रोग निवारण में विशिष्ट प्रयोग: अज्ञान (रोग का कारण) के अंधकार का नाश।
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