विस्तृत उत्तर
इंद्र के समान उन्हें महान योद्धा और 'वृत्रघ्नी' (वृत्र नामक राक्षस का नाश करने वाली) भी कहा गया है।
वृत्र अज्ञान, अंधकार और सूखे का वह सर्पाकार दानव था जो नदियों (ज्ञान और जीवन के प्रवाह) को रोक देता था।
अतः सरस्वती बाधाओं को दूर करने वाली और शत्रुओं का संहार करने वाली शक्ति के रूप में भी वंदनीय हैं।





