विस्तृत उत्तर
कुक्कुट (मुर्ग) को प्रकाश, सौर ऊर्जा और प्रभात का शाश्वत उद्घोषक माना गया है। दार्शनिक रूप से रात्रि अज्ञान और तमोगुण का प्रतीक है, जबकि सूर्य ज्ञान और सत्त्वगुण का। कुक्कुट वह जीव है जो अंधकार में प्रकाश की किरणों को पहचानकर अचेतन जीवों को जगाता है, जो साधक के भीतर छिपे 'विवेक' का प्रतीक है जो अज्ञान की निद्रा को तोड़ता है। आगमिक दृष्टि से कुक्कुट का संबंध शिव के पुत्र भगवान स्कंद (कार्तिकेय) से है। वायु देव ने उन्हें "कुक्कुट ध्वज" प्रदान किया था। कामिक आगम में स्कंद को हाथों में कुक्कुट धारण किए हुए वर्णित किया गया है। यह अज्ञान के अंधकार (तारकासुर) पर ज्ञान की विजय और आध्यात्मिक प्रज्ञा के उदय का सर्वोच्च प्रतीक है।





