शिव साधना में 'कुक्कुट' (मुर्गे) का क्या दार्शनिक और आगमिक महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
कुक्कुट जागरण और अज्ञान के अंधकार के नाश का प्रतीक है। यह भगवान कार्तिकेय के ध्वज और अस्त्र का हिस्सा है, जो आध्यात्मिक प्रज्ञा के उदय और अज्ञान पर विजय को दर्शाता है।
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