सरस्वती को 'वृत्रघ्नी' क्यों कहते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वृत्र = अज्ञान, अंधकार और सूखे का सर्पाकार दानव जो नदियों (ज्ञान-जीवन के प्रवाह) को रोकता था। सरस्वती ने इसका नाश किया इसलिए 'वृत्रघ्नी' — बाधाओं को दूर करने वाली और शत्रुओं का संहार करने वाली शक्ति।
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ऋग्वेद में सरस्वती
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