विस्तृत उत्तर
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विदेश यात्रा, वीज़ा (Visa) संबंधी कार्य और घर से दूर जाने के योग का मुख्य कारक 'राहु' ग्रह होता है। जब कुंडली में राहु पीड़ित हो या उसकी स्थिति अनुकूल न हो, तो विदेश जाने के कार्यों में बार-बार अड़चनें आती हैं।
इस बाधा को दूर करने के लिए राहु के तांत्रिक बीज मंत्र 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' का जप रात्रि के समय करना चाहिए। इसके साथ ही भगवान काल भैरव (जो राहु के इष्ट देव हैं) की उपासना अत्यंत शीघ्र फल देती है। रविवार या मंगलवार को भैरव मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाकर 'ॐ कालभैरवाय नमः' का 108 बार जप करने से विदेशी दूतावास या कागजी कार्यवाही में आ रही सभी प्रकार की अड़चनें रहस्यमयी तरीके से सुलझ जाती हैं।





