विस्तृत उत्तर
पितृ दोष परिवार में अशांति, वंश वृद्धि में रुकावट और आर्थिक तंगी का मुख्य कारण बनता है। पितरों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए नियमित रूप से मंत्र जप और तर्पण करना आवश्यक है।
पितृ दोष निवारण का सबसे सरल और प्रामाणिक मंत्र है—'ॐ सर्व पितृ देवाय नमः' या 'ॐ प्रथम पितृ नारायणाय नमः'। विशेष रूप से अमावस्या, पितृ पक्ष या प्रत्येक शनिवार को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके, तिल के तेल का दीपक जलाकर इस मंत्र का जप करना चाहिए। इसके साथ ही गीता के सातवें अध्याय का पाठ करना और उसका पुण्य पितरों को अर्पित करना उनकी आत्मा को तत्काल तृप्ति और मोक्ष प्रदान करता है, जिससे परिवार पर पितृ दोष का प्रभाव समाप्त हो जाता है।





