विस्तृत उत्तर
जब कोई कीमती वस्तु खो जाए, चोरी हो जाए या कोई दिया हुआ धन वापस न दे रहा हो, तो उसे पुनः प्राप्त करने के लिए शास्त्रों में भगवान कार्तिकेय और दिशाओं के अधिपति मंत्रों का विशेष विधान है।
चोरी हुई या खोई हुई वस्तु को वापस पाने का सबसे सिद्ध मंत्र भगवान कार्तिकेय का है—'ॐ कार्तिकेयाय विद्महे शक्तिहस्ताय धीमहि तन्नो स्कन्दः प्रचोदयात्' (कार्तिकेय गायत्री) या उनका मूल मंत्र 'ॐ शरवणभवाय नमः'। मंगलवार के दिन लाल आसन पर बैठकर इसका जप करने से खोई हुई वस्तु मिलने के योग प्रबल हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त, प्राचीन परंपराओं में 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' का जप भी किया जाता है क्योंकि राहु को रहस्य और खोई हुई चीजों का कारक माना जाता है। यह मंत्र चोर की बुद्धि को बदल देता है या वस्तु तक पहुंचने का मार्ग सुझाता है।





