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विस्तृत उत्तर
माँ चंद्रघंटा नवदुर्गा का तृतीय स्वरूप हैं जिनकी पूजा नवरात्रि के तीसरे दिन होती है।
शाब्दिक अर्थ और पौराणिक पृष्ठभूमि: मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र धारण करने वाली। रणचंडी रूप।
तात्विक और दार्शनिक संदेश: दानवों और आसुरी प्रवृत्तियों से निर्भय होकर लड़ने की तत्परता।
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