का सरल उत्तर
माँ चंद्रघंटा = तृतीय स्वरूप (तीसरा दिन)। मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र, रणचंडी रूप। संदेश: दानवों और आसुरी प्रवृत्तियों से निर्भय होकर लड़ने की तत्परता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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