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विस्तृत उत्तर
माँ कूष्मांडा नवदुर्गा का चतुर्थ स्वरूप हैं जिनकी पूजा नवरात्रि के चौथे दिन होती है।
शाब्दिक अर्थ और पौराणिक पृष्ठभूमि: अपनी मंद मुस्कान से संपूर्ण ब्रह्मांड (अंड) की रचना करने वाली।
तात्विक और दार्शनिक संदेश: आदि शक्ति, जो संपूर्ण सृष्टि की ऊर्जा और ऊष्मा का स्रोत है।
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