नवदुर्गामाँ कूष्मांडा का क्या स्वरूप और संदेश है?माँ कूष्मांडा = चतुर्थ स्वरूप (चौथा दिन)। अपनी मंद मुस्कान से संपूर्ण ब्रह्मांड (अंड) की रचना करने वाली। संदेश: आदि शक्ति — संपूर्ण सृष्टि की ऊर्जा और ऊष्मा का स्रोत।#कूष्मांडा#चतुर्थ दिन#ब्रह्मांड रचना
वाक् सूक्तवाक् सूक्त में सरस्वती की सृजन शक्ति का क्या वर्णन है?वाक् सूक्त 5वां श्लोक: 'मैं जिस पर प्रसन्न हूँ उसे ब्रह्मा, ऋषि या सुमेधा (श्रेष्ठ बुद्धि वाला) बना दूँ।' सरस्वती केवल किसी की शक्ति नहीं — वे स्वयं आदि-शक्ति हैं जो योगनिद्रा से महाविष्णु को सुलाती और देवताओं को क्षमता देती हैं।
तंत्र दर्शनतंत्र में काली का महत्व क्या है?तंत्र में काली दस महाविद्याओं में प्रथम हैं — आदि महाविद्या। वे काल की अधिष्ठात्री, महाकुंडलिनी शक्ति और मोक्ष प्रदात्री हैं। मुंड माला = अहंकार का विनाश, शव पर खड़ी होना = चेतना (शिव) और शक्ति का संयोग। काली तमस का नाश करके ज्ञान प्रकाशित करती हैं।#तंत्र#काली महत्व#दस महाविद्या