का सरल उत्तर
माँ कूष्मांडा = चतुर्थ स्वरूप (चौथा दिन)। अपनी मंद मुस्कान से संपूर्ण ब्रह्मांड (अंड) की रचना करने वाली। संदेश: आदि शक्ति — संपूर्ण सृष्टि की ऊर्जा और ऊष्मा का स्रोत।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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