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नवदुर्गा📜 नवरात्रि पूजा पद्धति, देवी भागवत1 मिनट पठन

महागौरी माता की पूजा से सौभाग्य कैसे बढ़ता है?

संक्षिप्त उत्तर

गौरी = पार्वती (शिव तपस्या) = सौभाग्य देवी। श्वेत = शुद्धता → पाप नाश → सौभाग्य। दाम्पत्य सुख, मनचाहा वर। दिन 8, भोग: नारियल, रंग: गुलाबी। 'ॐ देवी महागौर्यै नमः'।

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विस्तृत उत्तर

महागौरी = नवरात्रि आठवें दिन — अत्यंत गौर (श्वेत) वर्ण:

सौभाग्य कैसे

  1. 1गौरी = पार्वती = सौभाग्य देवी: कठोर तपस्या से शिव प्राप्त किए — सुहागिन महिलाओं की देवी।
  2. 2श्वेत = शुद्धता: पापों का नाश, मन शुद्ध = सौभाग्य का मार्ग।
  3. 3दाम्पत्य सुख: पति-पत्नी संबंधों में मधुरता, प्रेम।
  4. 4कुमारी: मनचाहा वर प्राप्ति।
  5. 5सर्वकामना: महागौरी = 'अन्नपूर्णा' — सभी इच्छाएं पूर्ण।

पूजा: दिन 8। भोग: नारियल। रंग: गुलाबी। मंत्र: 'ॐ देवी महागौर्यै नमः'। ध्यान: 'श्वेते वृषे समारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।'

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शास्त्रीय स्रोत
नवरात्रि पूजा पद्धति, देवी भागवत
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