विस्तृत उत्तर
माँ मातंगी का वर्ण सामान्यतः श्याम (काला या गहरा नीला) अथवा हरा बताया गया है, और वे अपने मस्तक पर अर्धचंद्र धारण करती हैं।
वे अपने हाथों में वीणा, खोपड़ी, तलवार, पाश, अंकुश, गन्ने का धनुष और पुष्प बाण धारण करती हुई चित्रित की जाती हैं।
उन्हें तोते अत्यंत प्रिय हैं और वे अक्सर तोते के साथ दिखाई देती हैं।
ध्यान श्लोक में उनका वर्णन इस प्रकार मिलता है — वीणावादन करती हुईं, ताम्बूल से पूर्ण मुख वाली, रत्न सिंहासन पर बैठी तोते का मधुर शब्द सुनती हुईं, रत्न आभूषणों से उज्ज्वल शरीर वाली और प्रकाशमान किरीट धारण करने वाली।





