विस्तृत उत्तर
तंत्र साधना के शुभ आरंभ काल का वर्णन कुलार्णव तंत्र में है:
पात्रता — पहले यह देखें
कुलार्णव: साधक में ये गुण हों:
- ▸गुरु पर श्रद्धा
- ▸जिज्ञासा और धैर्य
- ▸नैतिक जीवन
- ▸शुद्ध उद्देश्य
शुभ तिथियाँ
| तिथि | क्यों |
|------|-------|
| नवरात्रि | शक्ति साधना का सर्वश्रेष्ठ काल |
| दीपावली | महाकाली/लक्ष्मी तंत्र |
| शिवरात्रि | शैव-भैरव साधना |
| अमावस्या | काली/भैरव साधना |
| पूर्णिमा | शाक्त साधना |
दिन का शुभ समय
- 1ब्रह्ममुहूर्त (प्रातः 4-6) — सभी साधनाओं के लिए
- 2निशीथ काल (रात्रि 12 के बाद) — तंत्र साधना विशेष
कभी न करें
क्रोध, लोभ या बदले की भावना से तंत्र साधना आरंभ न करें।





