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तंत्र प्रारंभ📜 कुलार्णव तंत्र — दीक्षा काल, महानिर्वाण तंत्र1 मिनट पठन

तंत्र साधना कब शुरू करनी चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

तंत्र कब शुरू: पात्रता — श्रद्धा, धैर्य, शुद्ध उद्देश्य। शुभ: नवरात्रि (सर्वश्रेष्ठ), शिवरात्रि (भैरव), अमावस्या (काली)। समय: ब्रह्ममुहूर्त या निशीथ काल (रात्रि 12 बाद)। क्रोध/लोभ/बदले की भावना से कभी नहीं।

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विस्तृत उत्तर

तंत्र साधना के शुभ आरंभ काल का वर्णन कुलार्णव तंत्र में है:

पात्रता — पहले यह देखें

कुलार्णव: साधक में ये गुण हों:

  • गुरु पर श्रद्धा
  • जिज्ञासा और धैर्य
  • नैतिक जीवन
  • शुद्ध उद्देश्य

शुभ तिथियाँ

| तिथि | क्यों |

|------|-------|

| नवरात्रि | शक्ति साधना का सर्वश्रेष्ठ काल |

| दीपावली | महाकाली/लक्ष्मी तंत्र |

| शिवरात्रि | शैव-भैरव साधना |

| अमावस्या | काली/भैरव साधना |

| पूर्णिमा | शाक्त साधना |

दिन का शुभ समय

  1. 1ब्रह्ममुहूर्त (प्रातः 4-6) — सभी साधनाओं के लिए
  2. 2निशीथ काल (रात्रि 12 के बाद) — तंत्र साधना विशेष

कभी न करें

क्रोध, लोभ या बदले की भावना से तंत्र साधना आरंभ न करें।

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शास्त्रीय स्रोत
कुलार्णव तंत्र — दीक्षा काल, महानिर्वाण तंत्र
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