विस्तृत उत्तर
घर पर दुर्गा पूजा की सरल और शास्त्रोक्त विधि:
पूजा सामग्री
- ▸दुर्गा जी की प्रतिमा या चित्र (श्री दुर्गा, महिषासुर मर्दिनी)
- ▸लाल चुनरी
- ▸सिंदूर, कुमकुम, रोली
- ▸लाल गुड़हल और लाल गुलाब
- ▸पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
- ▸धूप, अगरबत्ती
- ▸घी का दीप
- ▸नारियल, पान, सुपारी
- ▸हलवा-पूरी-चना (भोग के लिए)
- ▸कलश (नवरात्रि में)
पूजा विधि (क्रमशः)
1पूजा स्थान की तैयारी
- ▸उत्तर-पूर्व दिशा में दुर्गा जी की प्रतिमा/चित्र स्थापित करें
- ▸लाल कपड़ा बिछाएं
2आचमन और संकल्प
- ▸तीन बार जल लेकर आचमन करें
- ▸मन में संकल्प बोलें
3देवी का आह्वान
- ▸'ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥'
4पंचोपचार या षोडशोपचार पूजन
- ▸जल से स्नान कराएं (या स्नान का भाव)
- ▸लाल चंदन का तिलक
- ▸सिंदूर अर्पण
- ▸लाल फूल और गुड़हल अर्पण
- ▸धूप और दीप
- ▸हलवा-पूरी का भोग
5मंत्र जप
- ▸'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे' — 108 बार
6सप्तशती या देवी सूक्त पाठ
- ▸'या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता...' — 3 बार
7दुर्गा आरती
- ▸'जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी...'
8प्रदक्षिणा और नमस्कार
- ▸तीन बार परिक्रमा करें
- ▸साष्टांग प्रणाम करें
9क्षमा प्रार्थना
- ▸'आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्...'
नवरात्रि में विशेष
- ▸प्रतिदिन कलश पूजन
- ▸अखंड दीप (यदि संभव हो)
- ▸अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन
- ▸दशमी को कलश विसर्जन





