ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
नवरात्रि और उपासना⏱ 1 मिनट पठन

कन्या पूजन (कुमारी पूजन) का क्या महत्व है?

कन्या पूजन के बिना नवरात्रि अपूर्ण। महाष्टमी-महानवमी पर कन्याओं को आद्याशक्ति का साक्षात् स्वरूप मानकर पूजा। चरण धोना, कुमकुम टीका, हलवा-पूरी-चना (अष्टमी), तिल-खीर (नवमी)।

संक्षिप्त उत्तर

कन्या पूजन के बिना नवरात्रि अपूर्ण। महाष्टमी-महानवमी पर कन्याओं को आद्याशक्ति का साक्षात् स्वरूप मानकर पूजा। चरण धोना, कुमकुम टीका, हलवा-पूरी-चना (अष्टमी), तिल-खीर (नवमी)। 'कन्या पूज्या पूज्यतमा सर्वाह' — सभी जातियों की कन्याएं समान रूप से पूजनीय।

📖

विस्तृत उत्तर

श्रीमद्देवी भागवत पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार, नवरात्रि का अनुष्ठान 'कन्या पूजन' (कुमारी पूजन) के बिना सर्वथा अपूर्ण और फलहीन माना जाता है। अष्टमी (महाष्टमी) और नवमी (महानवमी) के दिन कन्याओं को आद्याशक्ति का साक्षात् स्वरूप मानकर उनकी विधिवत पूजा की जाती है।

देवी भागवत पुराण कहता है कि जो साधक ज्ञान का अभिलाषी है, उसे कुमारी का पूजन करना चाहिए। कन्याओं के गृह प्रवेश पर पुष्प वर्षा की जाती है, उनके चरण धोए जाते हैं, कुमकुम का टीका लगाया जाता है और उन्हें विशेष भोग (अष्टमी को हलवा-पूरी और चना, तथा नवमी को तिल या खीर) अर्पित किया जाता है।

शास्त्रों में स्पष्ट निर्देश है कि कन्या पूजन में सभी वर्गों और जातियों की कन्याएँ समान रूप से पूजनीय हैं ('कन्या पूज्या पूज्यतमा सर्वाह')।

उत्तर को थोड़ा और स्पष्ट करें

कन्या पूजन (कुमारी पूजन) का क्या महत्व है को संदर्भ सहित समझें

कन्या पूजन (कुमारी पूजन) का क्या महत्व है का सबसे सीधा सार यह है: कन्या पूजन के बिना नवरात्रि अपूर्ण। महाष्टमी-महानवमी पर कन्याओं को आद्याशक्ति का साक्षात् स्वरूप मानकर पूजा। चरण धोना, कुमकुम टीका, हलवा-पूरी-चना (अष्टमी), तिल-खीर (नवमी)। 'कन्या पूज्या पूज्यतमा सर्वाह'...

नवरात्रि और उपासना जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.

इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।

•

उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।

•

नवरात्रि और उपासना श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।

•

यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।

नवरात्रि और उपासना प्रश्नोत्तर
🔗

आगे क्या पढ़ें

प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी लिंक

इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
WhatsApp
क्या यह उत्तर सहायक था?

🏷 सम्बंधित विषय

कन्या पूजनकुमारी पूजनआद्याशक्ति स्वरूपमहाष्टमी महानवमी
📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

कन्या पूजन (कुमारी पूजन) का क्या महत्व है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको नवरात्रि और उपासना से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।

🙏 पूजा विधि📿 मंत्र जाप🔱 शिव पूजा🏠 वास्तु💭 सपनों का मतलब🪐 ज्योतिष

इसी विषय पर और प्रश्नोत्तर

टैग द्वारा खोजें:#कन्या पूजन#कुमारी पूजन#आद्याशक्ति स्वरूप#महाष्टमी महानवमी