विस्तृत उत्तर
कन्या पूजन = देवी के 9 रूपों का जीवित प्रतिनिधित्व — कन्या = देवी स्वरूप।
आध्यात्मिक कारण
- 1कन्या = शक्ति: अविवाहित कन्या = शुद्ध, निष्कपट, निर्दोष = देवी सबसे निकट। जैसे मंदिर = देवता निवास, कन्या = देवी का चलता-फिरता मंदिर।
- 2नवदुर्गा = 9 कन्या: 9 कन्या = माता के 9 रूप (शैलपुत्री→सिद्धिदात्री)।
- 3सेवा = पूजा: कन्या भोजन = देवी भोग। चरण धोना = देवी चरण स्पर्श। उपहार = देवी श्रृंगार।
- 4स्त्री सम्मान: कन्या = भविष्य की माता/शक्ति। पूजन = स्त्री सम्मान संस्कार — समाज में स्त्री = पूज्य।
मान्यता: कन्या पूजन बिना नवरात्रि व्रत = अपूर्ण।





