कन्या पूजन (कुमारी पूजन) का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
कन्या पूजन के बिना नवरात्रि अपूर्ण। महाष्टमी-महानवमी पर कन्याओं को आद्याशक्ति का साक्षात् स्वरूप मानकर पूजा। चरण धोना, कुमकुम टीका, हलवा-पूरी-चना (अष्टमी), तिल-खीर (नवमी)। 'कन्या पूज्या पूज्यतमा सर्वाह' — सभी जातियों की कन्याएं समान रूप से पूजनीय।
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