विस्तृत उत्तर
कुलार्णव तंत्र' और 'रुद्रयामल तंत्र' में कुमारी पूजा को साक्षात देवी पूजा माना गया है। 2 से 10 वर्ष की कन्याओं में देवी का वास होता है। मासिक दुर्गाष्टमी पर कम से कम 1 कन्या का पूजन अवश्य करना चाहिए। विधि: कन्याओं के पैर धोएं, उन्हें सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाएं, माथे पर तिलक लगाएं और कलावा बांधें। इसके बाद उन्हें भोजन (हलवा, पूरी, चना) कराएं और दक्षिणा व उपहार (लाल वस्त्र, फल, शिक्षण सामग्री) दें। अंत में उनके पैर छूकर माता का आशीर्वाद लें।