ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
तारा

तारा मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

📿 पौराणिक•29 सेकंड पढ़ें
अंतिम अपडेट: 19 जनवरी 2026
तुरंत उत्तर

सिद्ध तारा मंत्र रहस्य: रुद्रयामल तंत्र में वर्णित महाविद्या तारा की उग्र तांत्रिक शक्ति ! सिद्ध तारा मंत्र रहस्य | Goddess Tara Mantra (Rudrayamala Tantra) | तांत्रिक साधना 4:तारा :मंत्र पूर्ण तांत्रिक मंत्र: संबंधित मंत्र (रुद्रयामल तंत्र पर आधारित) “ॐ ह्रीं स्त्रीं हूँ फट् ” चेतावनी: तंत्र शास्त्र में वर्णित ये मंत्र 'वीर्यवान' (अत्यंत शक्तिशाली)...

ज्ञान-सार

अगर पूरा पोस्ट नहीं पढ़ना चाहते, तो यह सारांश पढ़ें — इससे आपको सटीक जानकारी मिलेगी।

क्लिक करते ही लेख के सबसे महत्वपूर्ण बिंदु एक साफ, छोटे और भरोसेमंद सार में दिखेंगे।

WhatsApp
सिद्ध तारा मंत्र रहस्य | Goddess Tara Mantra (Rudrayamala Tantra) | तांत्रिक साधना

4:तारा :मंत्र

पूर्ण तांत्रिक मंत्र: संबंधित मंत्र (रुद्रयामल तंत्र पर आधारित)
“ॐ ह्रीं स्त्रीं हूँ फट् ”

चेतावनी:

तंत्र शास्त्र में वर्णित ये मंत्र 'वीर्यवान' (अत्यंत शक्तिशाली) और 'उग्र' हैं। कुलार्णव तंत्र स्पष्ट निर्देश देता है कि बिना गुरु दीक्षा और उचित संस्कार के इन मंत्रों का जप अनिष्टकारी हो सकता है। यह शोध केवल ज्ञानवर्धन और शास्त्रीय संरक्षण के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। क्रियात्मक प्रयोग हेतु सुयोग्य तंत्राचार्य का मार्गदर्शन अनिवार्य है।

लेख को संदर्भ सहित पढ़ें

तारा मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' पर आगे क्या समझना जरूरी है

तारा मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' के विषय में इस लेख का मूल संकेत यह है: सिद्ध तारा मंत्र रहस्य: रुद्रयामल तंत्र में वर्णित महाविद्या तारा की उग्र तांत्रिक शक्ति !

तारा श्रेणी के लेख आम तौर पर महत्व, विधि, समय, शास्त्रीय आधार और सावधानियों को अलग-अलग हिस्सों में खोलते हैं. Tantra संग्रह के दूसरे लेख यही पृष्ठभूमि और गहरी करते हैं।

तारा मंत्र, सिद्ध तारा मंत्र, महाविद्या तारा जैसे जुड़े विषय आगे पढ़ने से यह समझ आता है कि विषय का व्यवहारिक उपयोग क्या है, किन परिस्थितियों में नियम बदलते हैं और किस जानकारी को प्राथमिकता देनी चाहिए।

•

तारा के और लेख पढ़कर इस विषय की पृष्ठभूमि पूरी करें।

•

इसी विषय के 5 प्रश्न आपके व्यावहारिक संदेह साफ कर सकते हैं।

•

नीचे दिए गए 12 संबंधित लेख इस पेज को आगे बढ़ाते हैं।

❓ इस विषय के 5 प्रश्न

तंत्र साधना

तारा देवी का एकाक्षरी मंत्र

माता तारा का एकाक्षरी बीज मंत्र 'स्त्रीं' है। मध्यरात्रि में इसका जप करने से भयंकर आर्थिक संकट दूर होते हैं और साधक को वाक् सिद्धि (कही बात का सच होना) प्राप्त होती है।

मंत्र जप विधि और नियम

नाग मंत्र जप के लिए कौन सी दिशा में बैठना चाहिए?

नाग मंत्र जप के लिए पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठना चाहिए।

मंत्र और ध्यान

नील सरस्वती तारा मंत्र क्या है?

नील सरस्वती तारा मंत्र: 'ॐ ऐं कूं कैं चां चूं ह्रीं स्त्रीं हूं'

शक्ति उपासना

तारा देवी का मंत्र क्या है?

तारा देवी का मुख्य बीज मंत्र है — 'ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट्'। तारापीठ (बंगाल) उनका प्रमुख शक्तिपीठ है जहाँ महर्षि वशिष्ठ ने सर्वप्रथम उनकी आराधना की। तारा देवी आर्थिक उन्नति, संकट-निवारण और मोक्ष की देवी हैं। वे दस महाविद्याओं में द्वितीय हैं।

तंत्र साधना

तारा देवी साधना कैसे करें?

तारा = नीलसरस्वती — वाक्-सिद्धि, विद्या, विदेश-रक्षा। तीन रूप: एकजटा, नीलसरस्वती, उग्रतारा। मंत्र: 'ॐ त्रीं ह्रीं ह्रूं तारायै स्वाहा'। नीले वस्त्र, मंगलवार/शनिवार। ध्यान: नीलवर्णा, एकजटा। भोग: नीलकमल, तिल। फल: वाणी-प्रभाव, लेखन-वक्तृत्व, विदेश-रक्षण।

📚 इसे भी पढ़ें

हंसी

हंसी यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल मंत्र' !

विभ्रमा

विभ्रमा यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल मंत्र'

विचित्रा

विचित्रा यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

हाकिनी

हाकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

शाकिनी

शाकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

काकिनी

काकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

लाकिनी

लाकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

डाकिनी

डाकिनी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ'

महालक्ष्मी

महालक्ष्मी यक्षिणी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

मातंगी

मातंगी मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

धूमावती

धूमावती मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !

प्रत्यंगिरा

विपरीत प्रत्यंगिरा मंत्र: रुद्रयामल तंत्र का 'मूल पाठ' !