विस्तृत उत्तर
कामदेव के भस्म होने के बाद उनकी पत्नी रति ने भगवान शिव से प्रार्थना की और बताया कि कामदेव ने यह सब देवहित के लिए किया था। शिव का मन पिघला और उन्होंने वरदान दिया कि द्वापर युग में कामदेव भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के पुत्र प्रद्युम्न के रूप में जन्म लेंगे। इस वरदान के अनुसार कामदेव ने प्रद्युम्न के रूप में द्वारका में जन्म लिया। जन्म के तुरंत बाद शंबरासुर नामक असुर ने शिशु प्रद्युम्न का अपहरण कर उसे समुद्र में फेंक दिया। एक बड़ी मछली ने उसे निगल लिया, वही मछली एक मछुआरे के जाल में आई और शंबरासुर की रसोई में पहुँची। वहाँ उसे शंबरासुर की पत्नी मायावती ने पाला। मायावती वास्तव में देवी रति का ही रूप थीं। नारद मुनि ने मायावती को बताया कि यह बालक प्रद्युम्न कामदेव का पुनर्जन्म है। बड़े होने पर प्रद्युम्न ने शंबरासुर का वध किया और मायावती (रति) के साथ द्वारका लौटे। इस प्रकार कामदेव और रति का पुनर्मिलन हुआ।





