विस्तृत उत्तर
काशी के शास्त्रीय विधान के अनुसार, किसी भी शिव पूजा से पूर्व क्षेत्रपाल भगवान काल भैरव और ढुंढिराज गणेश का स्मरण अत्यंत अनिवार्य है। चूँकि पिंगलेश्वर काशी के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है, इसलिए इस क्षेत्र के रक्षक 'पंचास्य विनायक' (पाँच मुख वाले गणेश) का मानसिक या प्रत्यक्ष पूजन पिंगलेश्वर महादेव की पूजा से सर्वप्रथम किया जाता है।




