विस्तृत उत्तर
शैव आगमों और शिव पुराण के स्पष्ट आदेशों के अनुसार, नंदीशेनेश्वर शिवलिंग (या किसी भी शिवलिंग) की पूजा में 'तुलसी' दल (पत्तियाँ) चढ़ाना पूर्णतः वर्जित (निषिद्ध) माना गया है। इसके साथ ही पूजा या परिक्रमा करते समय अर्घे की नाली (सोमसूत्र) को पार करना भी शास्त्रों में शिव-अपराध बताया गया है।





