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काल भैरव पूजा📜 काल भैरव अष्टकम् (आदि शंकराचार्य), शिव पुराण, भैरव तंत्र1 मिनट पठन

काल भैरव पूजा कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

काल भैरव पूजा: भैरव अष्टमी/शनिवार/अमावस्या। काले/लाल वस्त्र। पंचामृत स्नान। नीले फूल, सरसों तेल दीपक (5 बाती)। काल भैरव अष्टकम् पाठ। मंत्र 108 बार। नैवेद्य: उड़द + काले तिल।

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विस्तृत उत्तर

काल भैरव पूजा की विधि शिव पुराण और भैरव तंत्र में वर्णित है:

काल भैरव परिचय

शिव पुराण: काल भैरव — शिव का कालरूप। ब्रह्मा का पाँचवाँ सिर काटने वाले। काशी के अधिपति।

शुभ दिन

  • भैरव अष्टमी (मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी) — विशेष
  • प्रत्येक शनिवार
  • अमावस्या

पूजा सामग्री

  • सरसों तेल का दीपक (5 बाती)
  • काले तिल, उड़द की दाल
  • नीले/काले फूल
  • कपूर, अगरबत्ती
  • नारियल, फल

पूजा विधि (क्रम)

  1. 1स्नान, काले या लाल वस्त्र
  2. 2काल भैरव प्रतिमा/चित्र स्थापना
  3. 3पंचामृत स्नान
  4. 4गंध, पुष्प (नीले)
  5. 5सरसों तेल दीपक (5 बाती)
  6. 6काल भैरव अष्टकम् पाठ (आदि शंकराचार्य)
  7. 7मंत्र जप: 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरुकुरु बटुकाय ह्रीं।' — 108 बार
  8. 8उड़द दाल + काले तिल नैवेद्य
  9. 9क्षमा प्रार्थना
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शास्त्रीय स्रोत
काल भैरव अष्टकम् (आदि शंकराचार्य), शिव पुराण, भैरव तंत्र
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