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नवरात्रि📜 देवी भागवत, मार्कण्डेय पुराण, नवरात्रि परंपरा1 मिनट पठन

दुर्गा अष्टमी पर हवन की परंपरा का शास्त्रीय आधार क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

अष्टमी = देवी शक्ति सर्वोच्च (महिषासुर/रक्तबीज वध तिथि)। हवन = अग्नि = देवताओं का मुख। सप्तशती पूर्णाहुति। संधि पूजा (अष्टमी-नवमी) अत्यंत शक्तिशाली। जप का 1/10 = हवन।

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विस्तृत उत्तर

अष्टमी (महाष्टमी) नवरात्रि का सबसे महत्वपूर्ण दिन:

शास्त्रीय आधार

  1. 1देवी भागवत/मार्कण्डेय पुराण: अष्टमी = देवी की शक्ति सर्वोच्च। इसी तिथि पर देवी ने महिषासुर/रक्तबीज आदि का वध किया।
  2. 2हवन = यज्ञ: अग्नि = देवताओं का मुख। हवन में अर्पित आहुति सीधे देवी तक पहुंचती है।
  3. 3सप्तशती पाठ पूर्णता: 9 दिन के सप्तशती पाठ की पूर्णाहुति अष्टमी/नवमी पर। जप संख्या का 1/10 = हवन आहुति।
  4. 4संधि पूजा: अष्टमी-नवमी संधि काल (8वीं-9वीं तिथि संधि) = अत्यंत शक्तिशाली — इसी समय हवन + बलिदान (कुम्हड़ा/नारियल)।

हवन लाभ: सर्वपाप नाश, शत्रु नाश, रोग मुक्ति, समृद्धि, मनोकामना पूर्ति।

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शास्त्रीय स्रोत
देवी भागवत, मार्कण्डेय पुराण, नवरात्रि परंपरा
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