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नवरात्रि📜 नवरात्रि पूजा पद्धति, धर्मशास्त्र1 मिनट पठन

नवरात्रि में घटस्थापना की विधि और शुभ मुहूर्त क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

प्रतिपदा प्रातः। वेदी+जौ/गेहूं बोएं → कलश (जल+आम पत्ते+नारियल) → अखंड ज्योति → देवी प्रतिमा → षोडशोपचार। 9 दिन बाद जौ अंकुरण = सफलता संकेत। मुहूर्त: अभिजित/पंचांग अनुसार।

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विस्तृत उत्तर

घटस्थापना (कलश स्थापना) नवरात्रि का शुभारंभ:

विधि

  1. 1पूजा स्थान शुद्ध करें — गोबर/गंगाजल से।
  2. 2मिट्टी की वेदी बनाएं — जौ/गेहूं बोएं।
  3. 3कलश (मिट्टी/तांबा) — जल भरें, आम के पत्ते, नारियल ऊपर।
  4. 4कलश पर रोली/मौली बांधें, स्वस्तिक बनाएं।
  5. 5कलश के पास अखंड ज्योति स्थापित।
  6. 6देवी प्रतिमा/चित्र स्थापित।
  7. 7षोडशोपचार पूजा — गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य।
  8. 8'ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा शिवा क्षमा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥'

शुभ मुहूर्त: प्रतिपदा तिथि, प्रातःकाल (अभिजित मुहूर्त), वर्ष अनुसार पंचांग देखें।

जौ/गेहूं अंकुरण: 9 दिन बाद अंकुरण देखें — अच्छा अंकुरण = पूजा सफल।

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शास्त्रीय स्रोत
नवरात्रि पूजा पद्धति, धर्मशास्त्र
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