विस्तृत उत्तर
नवरात्रि व्रत टूट जाने पर प्रायश्चित्त:
तुरंत करें
- 1देवी से मन ही मन क्षमा प्रार्थना — 'अपराधक्षमापन स्तोत्र' (देवी)।
- 2'ॐ दुं दुर्गायै नमः' 108 बार जप।
- 3शेष दिन व्रत जारी रखें — टूटा दिन छोड़ आगे से पालन।
विशेष प्रायश्चित्त
- ▸नवार्ण मंत्र 108 बार।
- ▸कन्या पूजन + भोजन (अष्टमी/नवमी)।
- ▸गरीबों/ब्राह्मणों को भोजन दान।
- ▸अगली नवरात्रि में पूर्ण व्रत रखने का संकल्प।
देवी = जगदम्बा/माता: माता अपनी संतान को दंडित नहीं करती। वास्तविक कारण (बीमारी/आपातकाल) से क्षम्य। अत्यधिक भय न रखें — भक्ति जारी रखें।





