ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
नवरात्रि📜 देवी भागवत, नवरात्रि परंपरा1 मिनट पठन

देवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है?

संक्षिप्त उत्तर

अष्टमी: देवी शक्ति सर्वोच्च, संधि पूजा, हवन, रक्तबीज वध। नवमी: कन्या पूजन (9=9 देवी), पूर्णाहुति, वरदान अध्याय। दोनों = नवरात्रि चरमोत्कर्ष — 2 दिन = 9 दिन फल।

📖

विस्तृत उत्तर

अष्टमी-नवमी = नवरात्रि के सबसे शक्तिशाली दिन:

अष्टमी (महाअष्टमी)

  • देवी शक्ति सर्वोच्च — महिषासुर/रक्तबीज वध तिथि।
  • संधि पूजा (अष्टमी-नवमी संधिकाल) = अत्यंत शक्तिशाली।
  • हवन/बलिदान (कुम्हड़ा) = अष्टमी।
  • दुर्गा सप्तशती अध्याय 9-10 (शुम्भ-निशुम्भ वध)।
  • कन्या पूजन (कुछ परंपरा)।

नवमी (महानवमी)

  • कन्या पूजन = प्रमुख (9 कन्या = 9 देवी)।
  • हवन पूर्णाहुति।
  • सप्तशती अध्याय 11-13 (देवी वरदान + फलश्रुति)।
  • अगले दिन = विजयादशमी/दशहरा।

विशेष: अष्टमी-नवमी = नवरात्रि का चरमोत्कर्ष। इन दो दिनों में किया गया जप/पूजा = सम्पूर्ण नवरात्रि के समान फल।

📜
शास्त्रीय स्रोत
देवी भागवत, नवरात्रि परंपरा
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

अष्टमीनवमीविशेषमहत्वदेवी

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

देवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको नवरात्रि से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर देवी भागवत, नवरात्रि परंपरा पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।