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नवरात्रि📜 भक्ति परंपरा, जागरण संस्कृति1 मिनट पठन

नवरात्रि में जागरण की रात कौन से भजन गाने चाहिए?

संक्षिप्त उत्तर

'जय अम्बे गौरी', 'बिगड़ी बनाओ', 'अम्बे तू है जगदम्बे काली'। दुर्गा/काली/लक्ष्मी चालीसा। शास्त्रीय: सप्तशती, ललिता सहस्रनाम, महिषासुर मर्दिनी। संध्या→भजन→मध्यरात्रि→प्रातः आरती।

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विस्तृत उत्तर

नवरात्रि जागरण में प्रचलित भजन/गीत:

परंपरागत

  1. 1'जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी' — सर्वप्रचलित आरती।
  2. 2'बिगड़ी बनाओ नवदुर्गे, बिगड़ी बनाओ' — लोकप्रिय भजन।
  3. 3'अम्बे तू है जगदम्बे काली' — फिल्मी/भक्ति।
  4. 4'चलो बुलाया तुझे...' — वैष्णो देवी भजन।
  5. 5दुर्गा चालीसा / काली चालीसा / लक्ष्मी चालीसा।
  6. 6'ॐ जय लक्ष्मी माता' / 'ॐ जय अम्बे' — आरतियां।

शास्त्रीय

  • दुर्गा सप्तशती पाठ (अध्याय चयन)।
  • ललिता सहस्रनाम।
  • देवी सूक्तम् (ऋग्वेद)।
  • महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र।

जागरण विधि: संध्या से प्रारंभ → भजन-कीर्तन → मध्यरात्रि → सप्तशती → प्रातः आरती।

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शास्त्रीय स्रोत
भक्ति परंपरा, जागरण संस्कृति
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