का सरल उत्तर
'जय अम्बे गौरी', 'बिगड़ी बनाओ', 'अम्बे तू है जगदम्बे काली'। दुर्गा/काली/लक्ष्मी चालीसा। शास्त्रीय: सप्तशती, ललिता सहस्रनाम, महिषासुर मर्दिनी। संध्या→भजन→मध्यरात्रि→प्रातः आरती।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।