दुर्गा पूजादुर्गा पूजा में सप्तमी अष्टमी नवमी का क्या विशेष महत्व है?सप्तमी: नबपत्रिका, प्राण प्रतिष्ठा, नेत्रोन्मीलन। अष्टमी: संधि पूजा (108 दीपक), कुमारी पूजा = सर्वशक्तिशाली। नवमी: हवन/पूर्णाहुति, कन्या पूजन, वरदान।#सप्तमी#अष्टमी#नवमी
नवरात्रिनवरात्रि में कन्या पूजन की विधि और कितनी कन्याओं की पूजा करें?9 कन्या सर्वोत्तम (नवदुर्गा)। 7/5/2+1/1 भी मान्य। आयु 2-10 वर्ष। विधि: चरण धोएं → तिलक → चुनरी+श्रृंगार → हलवा-पूरी-चना+खीर → दक्षिणा → प्रणाम। अष्टमी/नवमी।
नवरात्रिदेवी की पूजा में अष्टमी और नवमी का क्या विशेष महत्व है?अष्टमी: देवी शक्ति सर्वोच्च, संधि पूजा, हवन, रक्तबीज वध। नवमी: कन्या पूजन (9=9 देवी), पूर्णाहुति, वरदान अध्याय। दोनों = नवरात्रि चरमोत्कर्ष — 2 दिन = 9 दिन फल।#अष्टमी#नवमी#विशेष
दशमहाविद्यामातंगी देवी की साधना से वाक् सिद्धि कैसे प्राप्त होती है?नवमी महाविद्या — वाक्/कला देवी। बीज: 'ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा'। वाक् सिद्धि = सम्मोहक वाणी। कवि/वक्ता/गायक/कलाकार। गृहस्थ सुख सर्वोत्तम। हरा रंग।#मातंगी#वाक् सिद्धि#साधना
दुर्गा पूजादुर्गा पूजा में संधि पूजा क्या होती है और कब की जाती है?अष्टमी-नवमी संधिकाल (~24-48 मिनट)। चंड-मुंड/शुम्भ-निशुम्भ वध क्षण। 108 दीपक + 108 पुष्प + बलिदान (प्रतीकात्मक)। नवरात्रि सबसे शक्तिशाली पूजा।#संधि पूजा#अष्टमी#नवमी
लोकनवमी श्राद्ध न करने से क्या होता है?मातृ-दोष और बाधाएं उत्पन्न हो सकती हैं।#श्राद्ध न करना#मातृ दोष#नवमी
लोककन्या की मृत्यु पर नवमी श्राद्ध होता है क्या?अविवाहित कन्या के लिए सामान्यतः नहीं।#कन्या मृत्यु#नवमी#श्राद्ध
लोकनवमी श्राद्ध में दादी का श्राद्ध होता है क्या?हाँ, दादी का श्राद्ध नवमी पर हो सकता है।#दादी श्राद्ध#मातृ नवमी#नवमी
लोकमातृ नवमी क्या है?माता और दिवंगत महिलाओं के श्राद्ध की नवमी तिथि मातृ नवमी है।#मातृ नवमी#माता श्राद्ध#नवमी
देवी उपासनादुर्गा पूजा में अष्टमी और नवमी में हवन कैसे करेंअष्टमी/नवमी हवन: हवनकुण्ड → अग्नि प्रज्वलन → नवग्रह आहुति → सप्तशती मंत्रों से आहुति + 'स्वाहा' → नवार्ण मंत्र 108 आहुति → नवदुर्गा नाम आहुति → पूर्णाहुति (नारियल + वस्त्र)। कुलाचार अनुसार अष्टमी या नवमी। कन्या भोज + ब्राह्मण भोजन।#दुर्गा पूजा#अष्टमी#नवमी