शिव पूजा नियमशिव व्रत रखकर यदि टूट जाए तो प्रायश्चित्त क्या है?क्षमा प्रार्थना + क्षमापन स्तोत्र। अगले सोमवार/शिवरात्रि पर व्रत। रुद्राभिषेक, 108 महामृत्युंजय, गरीबों को भोजन दान। व्रत भंग = पाप नहीं — शिव दंडित नहीं करते, भक्ति जारी रखें।#व्रत#टूटना#प्रायश्चित्त
तंत्र साधनातंत्र में प्रायश्चित्त कर्म कब करना चाहिए?गलत उच्चारण, अनुष्ठान भंग (व्रत/नियम), अशुद्धि, अधूरा अनुष्ठान, षट्कर्म दुरुपयोग, प्रत्येक पूजा अंत। विधि: गायत्री 1008/मूल 108/हवन 108/दान। 'गलती→प्रायश्चित्त→शुद्ध→आगे।'#प्रायश्चित्त#कर्म#कब
तंत्र शास्त्रतंत्र साधना में गलती होने पर प्रायश्चित्त कैसे करें?क्षमा प्रार्थना ('मन्त्रहीनं...परिपूर्णं तदस्तु मे'), अतिरिक्त 108/1008 जप, प्रायश्चित्त हवन, दान/ब्राह्मण भोजन, गुरु परामर्श, पुनः आरंभ। भगवान = कृपालु, दंड नहीं — सच्ची क्षमा = सब ठीक।#प्रायश्चित्त#गलती#क्षमा
पूर्णाहुति और समापनस्विष्टकृत् आहुति क्या है?स्विष्टकृत् आहुति = हवन में हुई किसी भी त्रुटि (मंत्र, सामग्री, विधि) के प्रायश्चित्त की आहुति। मिष्ठान, खीर या भात से दी जाती है। मंत्र: 'ॐ यदस्य कर्मणोऽत्यरीरिचं यद्वा न्यूनमिहाकरम्...' अर्थ: हे अग्निदेव! जो अधिक या न्यून हुआ, उसे पूर्ण करें।#स्विष्टकृत् आहुति#प्रायश्चित्त#मिष्ठान खीर
नवरात्रिनवरात्रि व्रत टूट जाए तो प्रायश्चित्त क्या है?क्षमा प्रार्थना + 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' 108 + शेष दिन व्रत जारी। नवार्ण मंत्र, कन्या पूजन, भोजन दान। अगली नवरात्रि पूर्ण संकल्प। देवी = माता — भय न रखें।#व्रत#टूटना#प्रायश्चित्त